भोपाल। गुरुवार को राघोगढ़ के राजा और ग्वालियर के महाराजा खासी चर्चा में रहे।
पिछले एक सप्ताह से प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे राघोगढ़ के राजा दिग्विजय सिंह ने आज विधानसभा जाकर राज्यसभा के लिये अपने नामंकन पत्र दाखिल कर दिए।दिग्विजय अपनी पत्नी अमृता सिंह और प्रदेश सरकार में कानून मंत्री पी सी शर्मा के साथ अचानक विधानसभा पहुंचे और उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर राज्यसभा के लिए अपना नामांकन कराया।
उनके कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन में यूं तो कोई खास बात नही है। लेकिन अगर तकनीकी रूप से देंखे तो बहुत खास है।
दरअसल राज्यसभा सीट के लिये कांग्रेस ही छोड़ देने बाले ग्वालियर महाराज की बजह से कांग्रेस नेतृत्व सकते में है।उसने गुरुवार की शाम सात बजे तक मध्यप्रदेश के लिये अपना प्रत्याशी ही घोषित नही किया है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यालय के प्रभारी श्री चंद्र प्रभाष शेखर के मुताविक शाम 7 बजे तक प्रदेश कांग्रेस के पास अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से इस संबंध कोई सूचना नही पहुंची है।किसी तरह का कोई संदेश दिग्विजय को प्रत्याशी बनाये जाने को लेकर नही आया है।
उधर दिग्विजय खेमे का कहना है कि राजा का टिकट पक्का है।कांग्रेस की जो एक सीट पक्की है उस पर राजा साहब ही राज्यसभा जाएंगे।
उधर दिल्ली के सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अभी तक मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर कोई फैसला नही हुआ है।
राजा के साथ महाराजा भी आज खासे चर्चा में रहे।बुधवार को कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता लेने बाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ विशेष भोपाल पहुंचे।भोपाल पहुंचने पर उनका शानदार स्वागत हुआ।वह एयरपोर्ट से अपने समर्थकों के साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे।वहां उनका भव्य स्वागत हुआ।भाजपा ने सिंधिया को अपना राज्यसभा प्रत्याशी कल ही घोषित कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि महाराज के साथ उनके खेमे के विधायकों ने भी पार्टी से बगावत कर दी है।इस बजह से सवा साल पुरानी कमलनाथ सरकार खतरे में पड़ गयी है।इस संकट की बजह से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही अपने विधायकों को प्रदेश से बाहर भेज दिया है।
वैसे एक सप्ताह पहले खुद दिग्विजय ने यह आरोप लगाया था कि भाजपा कांग्रेस के विधायकों को 35 करोड़ का ऑफर दे रही है।मजे की बात यह है कि जिन 22 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी है उनमें दो दिग्विजय के पुराने समर्थक भी हैं।
फिलहाल कोरोना वायरस के खतरे के बीच भोपाल में चुनावी तापमान इतना बढ़ गया है कि वायरस जल कर मर गया बताया गया है। लेकिन उसकी जगह जो नया वायरस जन्मा है वह कमलनाथ सरकार के लिये बहुत घातक माना जा रहा है।इससे मुकाबले के लिये कमलनाथ हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताविक अगले 15 दिन भोपाल का राजनीतिक तापमान बहुत गर्म रहेगा।संशय के बादल छाए रहेंगे।लेकिन गर्मी बरकरार रहेगी।
क्या दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा का टिकिट खुद ले लिया है?
क्या दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा का टिकिट खुद ले लिया है?